भाषा और साहित्य - हरियाणा सरकार

हरियाणा की भाषा और साहित्य

हरियाणा की भाषाओं, बोलियों, संस्कृत साहित्य, हिंदी साहित्य, उर्दू साहित्य, सूफी साहित्य, जैन साहित्य, संत साहित्य और साहित्य अकादमियों की संपूर्ण जानकारी

भाषाएँ और बोलियाँ
संस्कृत साहित्य
हिंदी-उर्दू साहित्य
साहित्य अकादमियाँ

परिचय

हरियाणा में सभी युगों से भाषा और साहित्य की समृद्ध विरासत रही है। इसकी भाषा और संस्कृति के प्रमाण महाभारत काल से पहले देखे जा सकते हैं। यह वह भूमि है जहाँ भगवान कृष्ण ने अर्जुन को श्रेष्ठ उपदेश दिया था। सबसे पवित्र हिंदू धार्मिक पुस्तक 'गीता' यहीं लिखी गई थी। ऐसा माना जाता है कि वेदों की रचना यहीं सरस्वती नदी के तट पर शुरू हुई थी। बाद में, जैन और नाथ कवियों ने हरियाणा को साहित्यिक दृष्टि से समृद्ध बनाने में बहुत योगदान दिया।

हरियाणा की भाषाएँ

हिंदी

आधिकारिक भाषा (89% जनसंख्या)

पंजाबी

द्वितीय आधिकारिक भाषा

हरियाणवी

स्थानीय बोली (बांगरू/जाटू)

उर्दू

साहित्यिक भाषा

अंग्रेजी

प्रशासनिक भाषा

हरियाणवी भाषा की विशेषताएँ

हरियाणवी भाषा देवनागरी लिपि में लिखी जाती है। इसकी उत्पत्ति खड़ी बोली या कौरवी से मानी जाती है। हरियाणवी के अधिकांश शब्द ब्रजभाषा से व्युत्पन्न हैं। ब्रजभाषा का मूल स्रोत संस्कृत और शौरसेनी अपभ्रंश है। हरियाणवी में कुल 10 स्वर और 32 व्यंजन हैं। हरियाणवी भाषा में व्यंजन उच्चारण के समय पूर्व-व्यंजन यानी अघोष व्यंजन में परिवर्तित हो जाते हैं। उदाहरण के लिए, 'घर' के स्थान पर 'गर', 'धर्म' के स्थान पर 'दरम', 'झंडा' के स्थान पर 'जंडा'।

हरियाणवी की प्रमुख बोलियाँ

बांगरू

रोहतक, हिसार, जींद, भिवानी, सोनीपत, कैथल, करनाल, पानीपत

हरियाणा में सबसे अधिक बोली जाने वाली बोली। विशिष्ट क्षेत्र रोहतक है। इसे देशी बोली भी कहा जाता है।

कौरवी

कुरुक्षेत्र, थानेसर, अंबाला, जगाधरी, कालका, पंचकूला

इसे अंबाबली भी कहा जाता है। मानक हिंदी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान। बिजनौरी शुद्धतम रूप है।

अहीरी (अहीरवाटी)

कोसली, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नारनौल, पटौदी, झज्जर

हरियाणा में अहीरों की भाषा। अहीरवाटी का ग्रामीण क्षेत्र हीरी कहलाता है।

बागड़ी

बहल, सिवानी, पश्चिमी हिसार, एलनाबाद, चौटाला, डबवाली, सिरसा

हरियाणा के बागड़ क्षेत्र में बोली जाती है। प्रो. मथुरा प्रसाद अग्रवाल ने 81 शब्दों की सूची बनाई।

मेवाती

फिरोजपुर-झिरका, नगीना, नूह, हथीन, सोहना, बावल, तावडू

मेवात क्षेत्र में बोली जाती है। ईश्वरी प्रसाद शर्मा ने 300 शब्दों को मेवाती कहा।

ब्रज

पूर्वी फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेवात (नूह)

शब्दावली बांगरू के समान। पूर्वी भागों में बोली जाती है।

संस्कृत साहित्य

महर्षि वेद व्यास

शम्याप्रास (पेहोवा), सरस्वती नदी तट

रचनाएँ: महाभारत (18 पर्व, 1 लाख श्लोक), पुराण, गीता

हर्षवर्धन

थानेसर (कुरुक्षेत्र)

रचनाएँ: प्रियदर्शिका, नागानंद, रत्नावली (तीन संस्कृत नाटक)

बाणभट्ट

हर्षवर्धन के दरबारी कवि

रचनाएँ: हर्षचरितम, कादंबरी, चंडिकाशतकम, पार्वती परिणय

कवि मयूर भट्ट

थानेसर

रचनाएँ: मयूराष्टक, सूर्य शतकम

पं. विद्याधर गौड़

सिरसा खेड़ी, जींद

रचनाएँ: कात्यायन श्रौतसूत्र, सुलभ सूत्रवती, देवचयाग्य पद्धति

पं. शिवनारायण शास्त्री

गतौली, जींद (जन्म 1885)

रचनाएँ: सांख्य ग्रंथ सांख्यतत्वप्रबोधिनी की टीका, पुष्पिका

पं. छज्जूराम विद्यासागर

रीतोली, जींद (जन्म 1894)

रचनाएँ: कुरुक्षेत्राष्टकम, दुर्गाभ्युदयनम नाटकम, सुल्तान चरित्रम

आचार्य विद्यानिधि शास्त्री

लोहारी, पानीपत (जन्म 1911)

रचनाएँ: व्यवहार भानु, दयानंद चन्द्रोदयम, श्री गांधी चरितामृतम

संस्कृत महाकाव्य

दादारामदोय

स्वामी हरिदास

श्रीमस्तराम चरितम

हरिदत्त शास्त्री

हरिश्चंद्र महाकाव्यम

डॉ. बलबीर दत्त शास्त्री

श्री शंकराचार्यचरितम

निगम बोध तीर्थ

श्री कृष्णानंद महाकाव्यम

महाकवि वनमालीदास

गंगय्या महाकाव्यम

पं. चंद्रभानु शास्त्री

अमरचरित महाकाव्यम

पं. रामेश्वर लाल

हिंदी साहित्य

सिद्ध चौरंगीनाथ

प्राणसंकली, श्रीनाथ-अष्टक, वायुत्रिभुवनोपदेश

हरियाणा के पहले हिंदी साहित्यकार

बालमुकुंद गुप्त

शिवशम्भु के चिट्ठे, उर्दू बीबी के नाम चिट्ठी, हरिदास

जन्म 1865 रेवाड़ी। प्रसिद्ध निबंधकार एवं पत्रकार

पं. माधव प्रसाद मिश्र

माधव मिश्र ग्रंथावली, माधव मिश्र नियमावली

जन्म 1928 कुंगा, भिवानी

सूरदास

सूरसागर, सूरसारावली, साहित्य लहरी, नल दमयंती

जन्म सीही गाँव, फरीदाबाद। अकबर के समकालीन

सुनीता जैन

एक और दिन, कहाँ मिलोगी कविता, जाने लड़की पगली

जन्म 1941 अंबाला। पद्मश्री (2004), व्यास सम्मान (2015)

स्वदेश दीपक

कोर्ट मार्शल (प्रसिद्ध नाटक), नंबर-57 स्क्वाड्रन

जन्म 1942। प्रसिद्ध नाटककार, कहानीकार और उपन्यासकार

उर्दू साहित्य

अल्ताफ हुसैन हाली

हयात-ए-सादी, यादगार-ए-गालिब, हयात-ए-जावेद, मुसद्दस-ए-हाली

जन्म 1837 पानीपत। 'शम्सुल उलेमा' की उपाधि (1904)

ख्वाजा अहमद 'अब्बास'

अबाबील, एक लड़की, मुसाफिर की डायरी, मैं कौन हूँ

पानीपत से। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित

डॉ. सुल्तान अंजुम

डूबते मंजर का सफर, ख्वाहिशें ख्वाब हैं, सराबे आरिजू

35 वर्षों तक तामीर-ए-हरियाणा के संपादक

कश्मीरी लाल जाकिर

सिंदूर की राख, छट्ठी का दूध, मेरा गाँव मेरी आत्मा है

हरियाणा उर्दू अकादमी के पूर्व सचिव

सूफी साहित्य

शेख मुहम्मद तुर्क

हरियाणा के पहले सूफी संत, हरियाणवी साहित्य में सूफीवाद की शुरुआत

हजरत खैरूशाह

हरियाणवी भाषा में 'बारहमास' की रचना

शाह मुहम्मद रमज़ान 'शहीद'

अकायदे अजीम, आखिरगत, बुलबुले बगेनबी। हादी-ए-हरियाणा के नाम से जाने जाते हैं

गुलाम कादिर

प्रेम नेहर, प्रेम वाणी, प्रेम प्याला, इनतखाब, जोगेसागर

जैन साहित्य

पुष्पदंत

षट्खंडागम (छह भाग), महापुराण

हरियाणा के आदि जैन कवि, रोहतक के निवासी

बनारसीदास

अर्ध कथानक, नाम माला, मोह विवेक युद्ध, बनारसी विलास

महत्वपूर्ण जैन साहित्यकार

कवि सुधारू (साधस)

प्रद्युम्न चरित (परद्वनु चौपाई)

अग्रोहा, हिसार से

संत साहित्य

गरीब संप्रदाय

संत गरीबदास

जन्म 1717 छुड़ानी, झज्जर। अमृतवाणी की रचना (24,000 दोहे)। हरियाणा के पहले निर्गुण संत कवि।

दादू संप्रदाय

संत दादूदयाल

निश्चल दास ने विचार सागर और वृत्ति प्रभाकर की रचना की। बनवारी दास प्रमुख दादू पंथी संत हैं।

कबीर संप्रदाय

बादली के संत इंद्रराज

हरदे दास महत्वपूर्ण संत थे। उनकी वाणी हृदय प्रकाश में संकलित है।

नाथ (सिद्ध) साहित्य

चौरंगी नाथ, गोरखनाथ

गोरखनाथ ने हरियाणवी में 49 राग और 182 पदों की रचना की। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में पाँच नाथ ग्रंथ सुरक्षित हैं।

रामकाव्य परंपरा

ईशरदास

Angad Per, Bharat Vilap, Bharat Milap, Saraswati Katha

भगवतीदास

Sitasetu

रामकवि हृदयाराम

Hanuman Natak, Chitrakoot Vilas, Dharma Charitra, Rukmani Mangal

कवि रामदास

Ramayan, Kartik Tarang, Ganga, Byahalo, Sudama Charitra

कृष्ण भक्ति काव्य

पुष्पदान

महापुराण

सूरदास

सूरसागर, सूरसारावली, साहित्य लहरी

कवि सुधारू

पद्मचरित

महाकवि हृदयराम

रुक्मिणी मंगल

आधुनिक कवि

जयनाथ नलिन

Yamini, Dharti ke Bol, Devyaani

उदयभानु हंस (रुबाई सम्राट)

Hindi Rubaiyan, Hansmuktavali, Sargam, Amrit Kalash

खुशीराम वशिष्ठ

Premophar, Ansu, Phool aur Angare, Meerabai

रामेश्वर लाल खंडेलवाल 'तरुण'

Pratham Kiran, Himachal, Agni Sangeet

डॉ. चंद्र त्रिखा

Paashan Yug, Shabdo ka Jangal, Dost

देवी शंकर प्रभाकर

Jagmag Jagra, Swadhinta Sangram, Haryana ek Adhyayan

ग़ज़ल संग्रह

विजय कुमार सिंहल

धूप हमारे हिस्से की (हरियाणा का पहला ग़ज़ल संग्रह, 1982)

कँवल हरियाणवी

हरियाणवी ग़ज़लकार। जन्म 9 मई, 1927 पाई, कैथल

सुरेंद्र वर्मा

आईना में तलाश चेहरे, आज के दशरथ

माधव कौशिक

आईना के शहर में, किरण सुबह की

साहित्य अकादमियाँ

हरियाणा साहित्य अकादमी

📅 9 जुलाई, 1970 | 📍 पंचकूला

📖 हरिगंधा (मासिक)

हरियाणा संस्कृत अकादमी

📅 8 अगस्त, 2002 | 📍 पंचकूला

📖 हरिप्रभा (मासिक)

हरियाणा उर्दू अकादमी

📅 22 दिसंबर, 1985 | 📍 पंचकूला

📖 जमाना तत, उर्दू दिशा (त्रैमासिक)

हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी

📅 अक्टूबर, 1996 | 📍 पंचकूला

📖 शब्द बूंद (मासिक)

हरियाणा ग्रंथ अकादमी

📅 1970 (1 सितंबर, 2011 को पुनर्गठित) | 📍 पंचकूला

📖 सप्त सिंधु (त्रैमासिक), कथा समय (मासिक)

हरियाणा इतिहास एवं संस्कृति अकादमी

📅 7 जून, 2013 (सांविधिक स्वतंत्रता) | 📍 कुरुक्षेत्र (2016 में स्थानांतरित)

📖

हरियाणा साहित्य अकादमी पुरस्कार

पुरस्कारराशिआयु
आजीवन साहित्य साधना सम्मान₹5 Lakh65+ years
पं. माधव प्रसाद मिश्र पुरस्कार / हरियाणा साहित्य रत्न₹2.5 Lakh60+ years
महाकवि सूरदास पुरस्कार (सुर सम्मान)₹1.5 Lakh65+ years
पं. लखमीचंद पुरस्कार₹1 Lakh45+ years
जनकवि मेहर सिंह पुरस्कार₹1 Lakh45+ years
आदित्य-अल्हड़ हास्य पुरस्कार₹1 Lakh45+ years
श्रेष्ठ महिला रचनाकार पुरस्कार₹1 Lakh45+ years
लाला देशबंधु गुप्त सम्मान₹1 Lakh45+ years
बाबू बालमुकुंद गुप्त सम्मान₹50,00045+ years
हरियाणा गौरव सम्मान₹50,00050+ years

हरियाणा संस्कृत अकादमी पुरस्कार

महर्षि वाल्मीकि पुरस्कार₹1,00,000
महर्षि वेदव्यास पुरस्कार₹51,000
बाणभट्ट पुरस्कार₹51,000
हरियाणा संस्कृत गौरव सम्मान₹1,50,000
गुरु विरजानंद आचार्य सम्मान₹51,000
स्वामी धर्मदेव संस्कृत सम्मान₹1,00,000
पुस्तक पुरस्कार योजना₹31,000

हरियाणा भाषा और साहित्य: तथ्य सारांश

6

प्रमुख बोलियाँ

89%

हिंदी भाषी जनसंख्या

10

हरियाणवी में स्वर

32

हरियाणवी में व्यंजन

6

साहित्य अकादमियाँ

1970

साहित्य अकादमी स्थापना

1478

सूरदास का जन्म

24000

गरीबदास के दोहे

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा की भाषा और साहित्य के बारे में सामान्य प्रश्न

हरियाणा की भाषाओं, बोलियों, संस्कृत, हिंदी, उर्दू साहित्य और साहित्य अकादमियों के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर खोजें

हरियाणा में आम तौर पर हरियाणवी, हिंदी, पंजाबी, उर्दू और अंग्रेजी भाषाएँ बोली जाती हैं। हरियाणा एक हिंदी भाषी राज्य है। हिंदी राज्य की आधिकारिक भाषा है और राज्य की 89% आबादी हिंदी भाषी है। पंजाबी राज्य की दूसरी आधिकारिक भाषा है।

हरियाणवी भाषा को स्थानीय रूप से 'हरियाणवी' कहा जाता है। इसका लोक भाषाई रूप खड़ी बोली का पर्याय माना जाता है। इसे 'बांगरू' या 'जाटू' के नाम से भी जाना जाता है। ब्रिटिश भाषाविद् डॉ. ग्रियर्सन हरियाणवी भाषा को 'बांगरू' कहते हैं।

हरियाणवी भाषा की प्रमुख बोलियाँ हैं: 1. बांगरू (रोहतक, हिसार, जींद, भिवानी, सोनीपत, कैथल, करनाल, पानीपत में बोली जाने वाली सबसे प्रचलित बोली), 2. कौरवी (कुरुक्षेत्र, थानेसर, अंबाला में), 3. अहीरी/अहीरवाटी (रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नारनौल में), 4. बागड़ी (भिवानी, हिसार, सिरसा के पश्चिमी भाग में), 5. मेवाती (मेवात क्षेत्र में), और 6. ब्रज (फरीदाबाद, गुरुग्राम के पूर्वी भाग में)।

हरियाणा के प्रसिद्ध संस्कृत साहित्यकारों में महर्षि वेद व्यास (महाभारत, पुराण, गीता के रचयिता), हर्षवर्धन (प्रियदर्शिका, नागानंद, रत्नावली), बाणभट्ट (हर्षचरितम, कादंबरी), कवि मयूर भट्ट (मयूराष्टक, सूर्य शतकम), पंडित विद्याधर गौड़, पंडित शिवनारायण शास्त्री, पंडित छज्जूराम विद्यासागर, माध्वाचार्य, और आचार्य विद्यानिधि शास्त्री शामिल हैं।

हरियाणा साहित्य अकादमी की स्थापना 9 जुलाई, 1970 को हुई थी। इसका मुख्यालय पंचकूला में स्थित है। यह वर्तमान में सूचना, जनसंपर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के अधीन है। अकादमी का अध्यक्ष हरियाणा का मुख्यमंत्री होता है। यह अकादमी 'हरिगंधा' नामक मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रकाशित करती है।

हरियाणा में संस्कृति और साहित्य को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा 6 अकादमियाँ स्थापित की गई हैं: 1. हरियाणा साहित्य अकादमी, 2. हरियाणा संस्कृत अकादमी, 3. हरियाणा उर्दू अकादमी, 4. हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी, 5. हरियाणा ग्रंथ अकादमी, और 6. हरियाणा इतिहास एवं संस्कृति अकादमी।

सिद्ध चौरंगीनाथ (चौरंगीनिया) को हरियाणा का पहला हिंदी साहित्यकार माना जाता है। उनका मूल नाम पूरनमल था और वे हरियाणा के मूल निवासी थे। उन्होंने प्राणसंकली और श्रीनाथ-अष्टक जैसी पुस्तकें लिखी हैं।

बालमुकुंद गुप्त का जन्म 14 नवंबर, 1865 को रेवाड़ी जिले के गुड़ियानी गाँव में हुआ था। वे प्रसिद्ध निबंधकार, पत्रकार और हिंदी भाषा के साहित्यकार थे। उनकी प्रसिद्ध रचनाएँ 'शिवशम्भु के चिट्ठे' और 'उर्दू बीबी के नाम चिट्ठी' हैं। उन्होंने हिंदुस्तान, बंगवासी और भारत मित्र जैसे समाचार पत्रों का सफल संपादन किया।

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हरियाणा की भाषा और साहित्य - संपूर्ण संदर्भ

यह पृष्ठ हरियाणा की भाषाओं (हिंदी, पंजाबी, हरियाणवी), बोलियों (बांगरू, कौरवी, अहीरवाटी, बागड़ी, मेवाती, ब्रज), संस्कृत साहित्य (महर्षि वेद व्यास, हर्षवर्धन, बाणभट्ट), हिंदी साहित्य (सूरदास, बालमुकुंद गुप्त), उर्दू साहित्य (अल्ताफ हुसैन हाली, ख्वाजा अहमद अब्बास), सूफी, जैन, संत साहित्य, रामकाव्य, कृष्ण भक्ति काव्य, और 6 साहित्य अकादमियों के बारे में व्यापक जानकारी प्रदान करता है।

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